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आत्मा शरीर का अनंत स्वप्न

डॉ मधु कपूर* दार्शनिक सिद्धांतों को हमारी वेबपत्रिका के लिए सहज-सुगम शैली में प्रस्तुत कर रहीं डॉ मधु कपूर...

Happy Birthday Tushit as you turn 10….

Rajesh K. Jha* We are publishing a letter written by a father to his son on his 10thbirthday. You...

लोहिया के सपनों का भारत : भारतीय समाजवाद की रुपरेखा –...

जैनबहादुर* लोहिया के सपनों का भारत, भारतीय समाजवाद की रुपरेखा: लेखक प्रोफेसर अशोक पंकज लोकभारती...

आखिर खड़ा हो ही गया मज़बूत विपक्ष

राजकेश्वर सिंह* लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र की नई सरकार में नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बन चुके हैं...

रसवती ‒ बन्ध मोक्ष कारणम्

डॉ मधु कपूर* "कोई सवाल उठा सकता है ‘बन्ध’ और ‘मोक्ष’ यह तो एक तरह का विरोधी समन्वय...

बूढ़े हँसते क्यों हैं?

ओंकार केडिया* ओंकार केडिया के पैने आलेखों की बानगी आपने उनके पिछले लेख अमलतास, गुलमोहर और गुलज़ार  में देख...

सभी मनुष्य मरणशील हैं

पिछले कुछ समय से दार्शनिक सिद्धांतों को हमारी वेबपत्रिका के लिए सहज-सुगम शैली में प्रस्तुत कर रहीं डॉ मधु कपूर का यह...

अमलतास, गुलमोहर और गुलज़ार 

ओंकार केडिया* ओंकार केडिया की कविताओं से आप पहले ही परिचित हैं। इस वेब पत्रिका में प्रकाशित उनकी अनेक...

अनसुलझा समीकरण

डॉ मधु कपूर* पिछले कुछ समय से दार्शनिक सिद्धांतों को हमारी वेबपत्रिका के लिए सहज-सुगम शैली में प्रस्तुत कर...