अध्यात्म

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‘महात्मा के महात्मा’ - सुज्ञान मोदी की पुस्तक का परिचय अगर आपसे प्रश्न किया जाये कि महात्मा गांधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक कौन थे तो शायद आप  उन शख्सियत का नाम ना ले...
*सुज्ञान मोदी पिछले लगभग सवा वर्ष में जब से हमारे देश में कोविड-19 के मामले बढ्ने लगे हैं, समाज के प्रबुद्ध जनों के समक्ष एक बार फिर से सेवा और परोपकार से सीधे...
डॉ प्रकाश थपलियाल* वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास कृत रामचरित मानस के रचनाकाल में लगभग साढ़े छः हजार साल का अन्तर है। वाल्मीकि रामायण जहां आज से करीब सात हजार वर्ष पहले रची गई...
​श्रीमद राजचन्द्र जयंती पर विशेष गांधी जी की आत्मकथा “सत्य के प्रयोग” में उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्रीमद राजचन्द्र (रायचंद भाई) का ज़िक्र विस्तार से आता है लेकिन इसके बावजूद बहुत से लोगों को...
परमहंस योगानन्द जी की जयंती (5 जनवरी) के अवसर पर विशेष लेख *अलकेश त्यागी विश्व व राष्ट्र से जुड़े व्यक्ति के जीवन के कुछ आश्चर्यजनक संयोग व्यक्ति के जीवन...
–*इन्दु मेहरा ‘‘बारूद के इक ढेर पर बैठी है ये दुनिया.........’’ ध्यान नहीं किस कवि की ये पंक्तियाँ हैं जो आज मानस पटल पर बार-बार उभर आती हैं। दो दिन पहले कश्मीर में हुई अमानवीय दर्दनाक दुर्घटना यूं...
सिद्धार्थ जगन्‍नाथ जोशी* यह लेख विशेष आग्रह के साथ मंगाया गया है कि हमारे अध्यात्म के कॉलम में धर्म और राजनीति के प्रश्न पर दक्षिणपंथी मत भी आ सके। हालांकि लेखक ने वर्णाश्रम...
Bhaswati Seal* In ancient times our ancestors in India envisioned the journey of our life over four stages, called Ashrams, which were a natural evolution in the life of an individual based on...
प्रियदर्शी दत्ता        आज समूचे देश में मकर संक्रांति की धूम होगी। कहीं माघी कहीं संक्रांत कहीं पोंगल तो कहीं पौष संक्रांति। नाम कुछ भी हो उपलक्ष एक खगोलीय घटना विशेष है। सूर्यदेव नक्षत्रों की पथ की...
Manoj Pandey* India is full of temples, mostly Hindu temples (places of worship of other religions in India are usually not known as temples). Most Hindus believe in many deities, and...

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