चलते-चलते

चलते-चलते

Satish Pandya* Call it fantasy or fallacy, or the ‘I was’ syndrome. The problem is: government servants famously known as babus refuse to accept that government gets so tired of using, overusing and misusing...
-राजेंद्र भट्ट* अक्सर ऐसा होता है कि हम किसी  तथ्य के  अटपटेपन को  बार-बार देखते हुए भी उस पर गौर नहीं करते, हमारा  दिमाग  उस  विचित्रता को, क्षण भर ठहर कर, पकड़ नहीं...
Sudhirendar Sharma* Times have surely changed! While Mahatma Gandhi walked four hundred kilometres for a pinch of salt, his countrymen prefer using cars for buying a packet of salt from the neighbourhood store. And,...
प्रियंवदा सहाय*  अंग्रेज़ी में एक कहावत है-शेयरिंग इज केयरिंग। यानी चीजों को साँझा कर किसी की देखभाल करना। छोटी-छोटी चीज़ें साँझा कर हम लोगों में ख़ुशियाँ बाँटने के साथ उनकी देखभाल भी कर...
Sudhirendar Sharma Indifference, apathy,  disconcern or complete disconnect, whatever you call it, is what our bulging urban middle-class is going wherein it seems to have shut itself off from the pressing concerns...
अजीत सिंह*       यह पचास के दशक की बात है। हमारे गांव में समृद्ध परिवारों के दो घर होते थे। ज़नाना और मर्दाना। ज़नाना हिस्से को ‘घर’ कहते थे और मर्दाना हिस्से को...
अपनी हाल ही की जयपुर यात्रा के दौरान मेरी मुलाक़ात हुई पर्यावरणविद और जलयोद्धा लक्ष्मण सिंह जी से जो जयपुर से करीब 80 किमी की दूरी पर स्थित लापोड़िया गाँव से हैं। जल संरक्षण के अपने मौलिक...
Satish Pandya*                                     Many things in our lifetime happen many times over, but Death happens only once, so why not die gracefully in style. Remember, the journey from birth to...
Sudhirendar Sharma* A century ago, a maverick British naturopath John W. Armstrong had cured himself by treating 'on nothing but urine and tap water' for 45 days.  In urine, he had discovered a system of alternate medicine...
नितिन प्रधान नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बनाने वाली समिति के अध्यक्ष पद्म विभूषण डॉ के कस्तूरीरंगन ने कहा है कि नई शिक्षा नीति लागू किए जाने के पीछे प्रमुख उद्देश्य यह है...

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