आखिरी पन्ना

आखिरी पन्ना

सामाजिक समरसता के संदर्भ में बीता साल बहुत प्रेरक नहीं रहा लेकिन उम्मीद की जा सकती है कि 2019 बेह्तर रहेगा

आखिरी पन्ना* लोकसभा चुनाव तीन महीने दूर रह गए हैं। अगर राजनैतिक परिदृश्य पर एक नज़र डालें तो पिछले एक वर्ष में स्थितियाँ कुछ इतनी तेज़ी से बदली हैं कि भाजपा सरकार अब कुछ बौखलाई...
आखिरी पन्ना* आखिरी पन्ना चुनावों के बीच फंसा हुआ है। चुनाव-चर्चा हो कि ना हो, आपका स्तंभकार इस द्वंद में भी फंसा है। चुनाव चर्चा हो तो ये मुश्किल...
आखिरी पन्ना* यह लिखे जाने के समय देश चुनाव परिणाम आ जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में फिर एक बार नई सरकार के गठन की प्रतीक्षा कर रहा है। कई तरह के...
आखिरी पन्ना 'आखिरी पन्ना' उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के अगस्त 2019 अंक के लिए लिखा गया। नरेंद्र...
आखिरी पन्ना ‘आखिरी पन्ना’ उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के सितम्बर 2019 अंक के लिए लिखा गया।
आखिरी पन्ना ‘आखिरी पन्ना’ उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के अक्तूबर 2019 अंक के लिए लिखा गया। जब...
उत्तरांचल पत्रिका - जनवरी 2019 जब तक उत्तरांचल पत्रिका का यह अंक आपके हाथ में होगा तो 2018 समाप्त हो चुका होगा और आप पूरे उत्साह के साथ नव.वर्ष का स्वागत करे...
aakhiri panna July 2017 ईद का मौका सर पर होने के बावजूद उल्लास और उत्सव की तरफ ध्यान जाने की बजाय आपके स्तम्भकार का ध्यान गया बल्लभगढ़ के एक गाँव के जुनैद की...
उत्तरांचल पत्रिका आखिरी पन्ना – अप्रैल 2017 अँगरेज़ लोगों की कहावत है कि जब कोई बात ना मिले तो मौसम की बात की जाए! इस बार हम भी वही करते हैं! हालाँकि हमारा...
आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका मई 2018 क्या सोच रहे हैं आप आजकल? हमारा मतलब यह  कि जब देश-समाज की बात होती है तो सबसे पहले आपके मन-मस्तिष्क में क्या तस्वीरें सामने आती हैं ? व्यक्तिगत...

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