आखिरी पन्ना आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के जनवरी 2020 अंक के लिए लिखा गया। इस साल का...
आखिरी पन्ना* लोकसभा चुनाव तीन महीने दूर रह गए हैं। अगर राजनैतिक परिदृश्य पर एक नज़र डालें तो पिछले एक वर्ष में स्थितियाँ कुछ इतनी तेज़ी से बदली हैं कि भाजपा सरकार अब कुछ बौखलाई...
आखिरी पन्ना आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के फरवरी 2020 अंक के लिए लिखा गया। 30 जनवरी को जब...
आखिरी पन्ना* आखिरी पन्ना चुनावों के बीच फंसा हुआ है। चुनाव-चर्चा हो कि ना हो, आपका स्तंभकार इस द्वंद में भी फंसा है। चुनाव चर्चा हो तो ये मुश्किल...
आखिरी पन्ना आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के मार्च 2021 अंक के लिए लिखा गया। कभी-कभी लगता है कि...
आखिरी पन्ना* यह लिखे जाने के समय देश चुनाव परिणाम आ जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में फिर एक बार नई सरकार के गठन की प्रतीक्षा कर रहा है। कई तरह के...
आखिरी पन्ना आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के अप्रैल 2022 अंक के लिए लिखा गया। पिछले...
आखिरी पन्ना 'आखिरी पन्ना' उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के अगस्त 2019 अंक के लिए लिखा गया। नरेंद्र...
आखिरी पन्ना आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के मई 2022 अंक के लिए लिखा गया। संयोग ऐसा बना कि...
आखिरी पन्ना ‘आखिरी पन्ना’ उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के सितम्बर 2019 अंक के लिए लिखा गया।

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