राजकाज

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क्या यह बेहतर ना होता कि प्रियंका गांधी अपनी ऊर्जा ऐसे राज्यों में लगातीं जहां कांग्रेस को खोई हुई ज़मीन पाने की ज़्यादा उम्मीद है। ऐसे राज्यों में आप हाल ही में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को...
तीन विधान-सभाई चुनावों में हारने के बाद भाजपा और उसकी राजग सरकार जल्दी में नज़र आ रही है। ऐसा लग रहा है कि खोई हुई ज़मीन वापिस पाने के भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार से...
सिद्धार्थ जगन्‍नाथ जोशी* समाज और राज्य – ये दो तंत्र ऐसे हैं जो प्रकृति के विरुद्ध सर्वाधिक अराजकता पैदा करते हैं। सुनने में अटपटा लगेगा, लेकिन सबसे सफल अराजक तंत्र ही संरक्षित रह...
राजकेश्वर सिंह* ज़रा सोचें कि देश के किसी सरकारी कार्यालय में किसी नागरिक की आमद पर क्या सरकारी मुलाज़िम उसके साथ वैसे पेश आता है, जैसा कि लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में जनता के...
Vijay Singh* COVID-19 has affected the global economy adversely in every sector including tourism .The rapid spread of coronavirus crippled domestic and trade activities, and disrupted routine activities of many nations bringing their...
राजेंद्र भट्ट* मीडिया यानि जो संवाद कराए, अकेलेपन को तोड़े और इकतरफा सोच ओर पूर्वाग्रह से बाहर निकाल कर एक समग्र, सुकून देने वाली समझ बनाए। लेकिन हमारे दौर का जो ‘सोशल’ और...
कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र कश्मीर समस्या के हल के लिए एक स्पष्ट रोड-मैप लेकर आया है। पार्थिव कुमार* इस लेख में बता रहे हैं कि कैसे जम्मू-कश्मीर के मसले को लेकर एनडीए सरकार की नीयत...
नवनीत चतुर्वेदी 12 जनवरी को आखिरकार उत्तरप्रदेश में बहुप्रतीक्षित समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी यानि  सपा-बसपा गठबंधन का आधिकारिक ऐलान हो ही गया। उत्तरप्रदेश लोकसभा चुनावों की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण राज्य है...
राजकेश्वर सिंह* देश के मौजूदा सारे संकट एक तरफ़ हैं, लेकिन एक नया संकट इन दिनों जेरे बहस है।  इस बहस की धार दिनों-दिन तेज़ होती जा रही है। सवाल बढ़ते जा रहे...
Sudhirendar Sharma* German Chancellor Otto von Bismarck's 19th century remarks have come to life - 'people never lie as much during a war or before an election'. Perhaps, it is the most convenient thing to do,...

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