Random Thoughts of a Media Monitor* Quite a few things have changed in the last thirty years. The world has, for instance. Generation, obviously. Language. Technology. Aspirations. And so has Indian Television News.
अजीत सिंह*         कैमला, जो चंद रोज़ पहले तक एक अज्ञात सा गांव था, हाल ही में मीडिया की सुर्खियों में आया है। गत रविवार दस जनवरी को हरियाणा के मुख्यमंत्री को वहां...
आखिरी पन्ना आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका के जनवरी 2020 अंक के लिए लिखा गया। इस साल का...
MK* Do We Need to Cure Modern Medicine to Cure Humanity? The provocations to discuss this controversial subject are many. These provocations have come from both sides – the staunch supporters of modern...
विशाख राठी* पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार (17 दिसंबर) को पुस्तक आंदोलन से जुड़ी प्रमुख कार्यकर्ता और कई महत्वपूर्ण पुस्तकों की अनुवादक चंद्रकिरण राठी कोरोना के बाद उत्पन्न जटिलताओं के कारण चल बसीं। श्रीमती राठी...
There is no dearth of books on governance, public policy and administration and on the way Indian bureaucracy works. Some of these books have been authored by academics while some others are by former bureaucrats. If we...
आज की बात कल प्रधानमंत्री मोदी ने रेडियो पर अपने मासिक संभाषण ‘मन की बात’ में करीब छ: मिनट तक कृषि और किसानी की चर्चा की और बताया कि “बरसों से किसानों की...
MK* In our series “Myths Under the Lens” we publish articles scrutinizing subjects that agitate our minds. In this article, MK examines the perennially unresolved issue of extraterrestrial life.
अरविंद सक्सेना* हिन्दी रूपांतर: राजेंद्र भट्ट**    कोविद-19, और उसके बाद आए निर्मम लॉकडाउन के दौर में जब  आहत, बदहवास ‘भारत’ सड़कों-पटरियों पर निकल आया तो कुछ संवेदनशील, विवेकवान लोग...
अरविंद सक्सेना* हिन्दी रूपांतर: राजेंद्र भट्ट**    संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व-अध्यक्ष श्री अरविंद सक्सेना के पाँच  लेखों की श्रंखला कोविद-19 के परिप्रेक्ष्य में स्वतन्त्रता के बाद से हमारे...

RECENT POSTS