विशेष

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डॉ गोपाल कृष्‍ण* इन दिनों स्विट्ज़रलैंड की राजधानी जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की परिसंकटमय जहरीले रसायनों के विषय पर एक सम्मलेन चल रहा है। यह सम्मलेन 29 अप्रैल को शुरू हुआ और 10 मई को समाप्त होगा।...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 3 पिछली बार नल-दमयंती की प्रेम- कथा की बात कही थी। नोट कीजिए कि ये प्रेम-कथा हमारे संस्कृत ग्रंथ ‘महाभारत’ में है। बल्कि इस...
मनोज पांडे*  इस पोस्ट में मैं आपस में जुड़ी तीन बातों पर चर्चा करूंगा: ब्लॉगिंग है क्या, इसके क्या फायदे हैं और सरल तरीके से ब्लॉग बनाया कैसे जाए.  तो चलिए शुरू...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 4 बहुत समय से मैं  ‘सेन वॉइस’ यानि विवेकपूर्ण आवाज़ के बारे में कुछ लिखना चाहता रहा हूँ। इसके पीछे एक प्रसंग है...
आखिरी पन्ना* यह लिखे जाने के समय देश चुनाव परिणाम आ जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में फिर एक बार नई सरकार के गठन की प्रतीक्षा कर रहा है। कई तरह के...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 5 कैसे होते हैं सच्चे वीर? क्या होती है वीरता? हम बड़े भाग्यवान हैं कि देश के जन-जन में, कण-कण में बसे राम हमारे...
Astha Savyasachi* Recently over 150 children died in Muzaffarpur district of Bihar due to Acute Encephalitis Syndrome (AES) or popularly known as ‘chamki bukhar’ in extremely unfortunate circumstances, which could have been easily prevented. In 2017...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 5 रेलवे स्टेशन के पास वह एक सँकरे घरों-गलियों वाली ‘मुस्लिम’ बस्ती थी। उर्दू में बहुत सारे पोस्टर-झंडियाँ लगी थीं। उस छोटे शहर की अपनी...
अरविंद मोहन* गाँधी की पत्रकारिता बहुत बड़ा विषय है- शायद मेरे जैसे लोगों से न सम्हलने वाला। उनके एक अखबार ‘इंडियन ओपिनियन’ पर वर्षों का समय लगाकर एलिजाबेथ हाफ्मेयर ने ‘द गाँधी प्रेस’ जैसी...
डॉ गोपाल कृष्‍ण* धरती पर एक बार घटने वाली घटनाएं विज्ञान के दायरे से बाहर हैं। - पॉल वीज़, एलिमेंट्स ऑफ बायोलॉजी ब्रह्माण्‍ड के बारे में सबसे...

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