क्या है भारत माता? क्या है अपना भारत? पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर राजेन्द्र भट्ट* की आज के संदर्भ में प्रासंगिक श्रद्धांजलि आज 27 मई है - पंडित नेहरू...
उषा पारिख स्मृतिः जीवन का अर्थ और अर्थमय जीवन -असीम श्रीवास्तव- मैं अपनी बात एक कहानी से शुरू करूं तो अच्छा होगा। मंत्री जी थे, विलायत गए, विलायत से जब लौटे तो...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 4 बहुत समय से मैं  ‘सेन वॉइस’ यानि विवेकपूर्ण आवाज़ के बारे में कुछ लिखना चाहता रहा हूँ। इसके पीछे एक प्रसंग है...
Mudrarakshasa Middle ground is under threat. In fact, for a very long time ‘muddle of the middle’ is out of favour. In business management, lack of strategy is described as being ‘stuck in...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 5 कैसे होते हैं सच्चे वीर? क्या होती है वीरता? हम बड़े भाग्यवान हैं कि देश के जन-जन में, कण-कण में बसे राम हमारे...
10 मई को प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम की जयंती पर विशेष राजेंद्र भट्ट 10 मई को भारत के 1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम की एक और जयंती होगी। ...
A society where everyone has acquired a legitimacy of a soldier (for maintaining an imaginary nation)  is a society where exercise of basic individual expressions come with prohibitive cost. Mudrarakshasa
आलोक कुमार* सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। देश के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय तक को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के अधीन कर दिया। यह मामला 2010 से लंबित...
‘खिचड़ी सरकारों’ का कार्यकाल आर्थिक विकास के लिए अच्छा ही रहा है! आज की बात आजकल व्हाट्सएप्प और सोशल मीडिया पर राजनीति के नाम पर जो संदेश आ रहे...
 Mudrarakshasa It was a humbling experience to read reactions of the valued readers on my longread on Countermobilization of Rightwing in India. Some reactions appeared on social media and some came personally to...

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