बारिश बारिश से बारिश, आज ज़रा जम के बरसना, उन काँपती बूढ़ी हथेलियों में थोड़ी देर के लिए ठहर जाना, बहुत...
इस वैबसाइट पर कविता के पाठक अजंता देव की कविताएं पहले भी पढ़ चुके हैं। वह अपनी कविताओं में आजकल विविध प्रयोग कर रही हैं। कभी हम उनसे इन प्रयोगों के बारे में एक लेख अलग...
Whether numerology is a science is often asked. How logical is numerology? Can you believe it? Rationalists find it as a myth spread to fool people and earn money out of that.
Mudrarakshasa Liberal gloom appears to be insurmountable. There appears to be no effective or meditated response to right-wing onslaught. Populace, polity and public sphere is in firm grip of polarization logic. Can Indian...
Vishakh Rathi* Rise of the right-wing has stimulated a new churn amongst the liberals in India. Some have tried to introspect and have taken a more adjusting stance and are willing to re-examine...
ओंकार केडिया* मैं सरहद के इस ओर से देखता हूँ उस ओर की हरियाली, कंटीली तारें नहीं रोक पातीं मेरी लालची नज़रों को.
मनोज पांडे* कैक्टस हँस रहे हैं – एक वर्षों से बरबस बरसती गर्म रेत,टीला बनाते-बिगाड़ते अंधड़ोंऔर सूखा उगलती रातों के बादआज यहां टपक रही हैं बूँदेंजलती ज़मीन पर.
आश्चर्य होता है कि कविता अपना रस, अपना पोषण कहाँ-कहाँ से ढूँढ निकालती है। कवि की नज़र अनछुई, अनजानी जगहों में जैसे बेखौफ घुस जाती है और लगभग एक जासूस की तरह कोने में दुबकी महत्वहीन...
प्रेमचंद की जयंती पर राजेन्द्र भट्ट* की श्रद्धांजलि प्रेमचंद की प्रासंगिकता स्वत:सिद्ध है लेकिन फिर भी इस विषय पर लिखने की उस समय तत्काल ज़रूरत महसूस हुई जब पिछले दिनों हिन्दी की एक...
नरेश जोशी*   किस्से कहानी सुनते आए थे, महाराज अचानक सोते उठते, कभी तो नाक पर मक्खी को उड़ाते प्रजा की चिंता कर बैठते थे। फिर क्या था, आनन-फानन महाराज खुद मुनादी कर...

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