राजेन्द्र भट्ट* मशहूर शायर मजाज़ ने एक बिम्ब का इस्तेमाल किया है – ज़ंजीरे-हवा। यानि हवा में ज़ंजीर बना कर किसी को बांधने की कोशिश। गांधीजी और उनके प्रभाव को शब्दों की चौखट...
डॉ गोपाल कृष्‍ण* धरती पर एक बार घटने वाली घटनाएं विज्ञान के दायरे से बाहर हैं। - पॉल वीज़, एलिमेंट्स ऑफ बायोलॉजी ब्रह्माण्‍ड के बारे में सबसे...
मनोज पांडे*  इस पोस्ट में मैं आपस में जुड़ी तीन बातों पर चर्चा करूंगा: ब्लॉगिंग है क्या, इसके क्या फायदे हैं और सरल तरीके से ब्लॉग बनाया कैसे जाए.  तो चलिए शुरू...
राजेन्द्र भट्ट 14 अप्रैल को डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर की जयंती है। कहाँ से शुरू करें? इतना विराट-बहुआयामी व्यक्तित्व; और कितना कुछ उनके व्यक्तित्व-कृतित्व के हर पक्ष पर, हर नजरिए से कहा जा चुका...
A society where everyone has acquired a legitimacy of a soldier (for maintaining an imaginary nation)  is a society where exercise of basic individual expressions come with prohibitive cost. Mudrarakshasa
मनोज पांडे* कैक्टस हँस रहे हैं – एक वर्षों से बरबस बरसती गर्म रेत,टीला बनाते-बिगाड़ते अंधड़ोंऔर सूखा उगलती रातों के बादआज यहां टपक रही हैं बूँदेंजलती ज़मीन पर.
अजय तिवारी* बिहार में चमकी बुखार से 140 से अधिक बच्चों की मौत ने आगे बढ़ते भारत का नाम दुनिया में काफी खराब किया है। इन मौतों की वजह सिर्फ हमारी स्वास्थ्य सेवाओं...
‘महात्मा के महात्मा’ - सुज्ञान मोदी की पुस्तक का परिचय अगर आपसे प्रश्न किया जाये कि महात्मा गांधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक कौन थे तो शायद आप  उन शख्सियत का नाम ना ले...
आश्चर्य होता है कि कविता अपना रस, अपना पोषण कहाँ-कहाँ से ढूँढ निकालती है। कवि की नज़र अनछुई, अनजानी जगहों में जैसे बेखौफ घुस जाती है और लगभग एक जासूस की तरह कोने में दुबकी महत्वहीन...
MK* In our series "Myths Under the Lens" you have already read articles on a variety of subjects ranging from numerology to the efficacy of vaccines. The same author, in this article discusses a...

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