अरविंद सक्सेना* हिन्दी रूपांतर: राजेंद्र भट्ट**    कोविद-19, और उसके बाद आए निर्मम लॉकडाउन के दौर में जब  आहत, बदहवास ‘भारत’ सड़कों-पटरियों पर निकल आया तो कुछ संवेदनशील, विवेकवान लोग...
अरविंद सक्सेना* हिन्दी रूपांतर: राजेंद्र भट्ट**    संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व-अध्यक्ष श्री अरविंद सक्सेना के पाँच  लेखों की श्रंखला कोविद-19 के परिप्रेक्ष्य में स्वतन्त्रता के बाद से हमारे...
अरविंद सक्सेना* हिन्दी रूपांतर: राजेंद्र भट्ट**               “तुम्हें एक जंतर देता हूँ। जब भी तुम्हें संदेह हो या तुम्हारा अहम तुम पर हावी होने लगे, तो यह कसौटी आज़माओ:...
प्रो. रितु प्रिया* गाँधी जी की अपने लिये पहली पसंद थी डाक्टर बनना लेकिन चूंकि मेडिकल की पढ़ाई में जीवों को मारकर काटना होता था, इसीलिए उन्होंने इंग्लैंड जाकर कानून पढ़ा और बैरिस्टर...
राजेन्द्र भट्ट* मशहूर शायर मजाज़ ने एक बिम्ब का इस्तेमाल किया है – ज़ंजीरे-हवा। यानि हवा में ज़ंजीर बना कर किसी को बांधने की कोशिश। गांधीजी और उनके प्रभाव को शब्दों की चौखट...
Jitendra Ramprakash* At the time of posting this article, it is barely 40 hours that Swami Agnivesh passed away. And in these 40 hours, there is a surge of outpourings by people...
Mudrarakshasa Liberal gloom appears to be insurmountable. There appears to be no effective or meditated response to right-wing onslaught. Populace, polity and public sphere is in firm grip of polarization logic. Can Indian...
Vishakh Rathi* Rise of the right-wing has stimulated a new churn amongst the liberals in India. Some have tried to introspect and have taken a more adjusting stance and are willing to re-examine...
Mudrarakshasa Both United States of America and India are witnessing a seemingly invincible ascendancy of right-wing populism. Both the countries are being run by charismatic demagogues and are reeling under a spell of...
Mudrarakshasa Viewing challenges like Corona contagion and border intrusion by China as opportunities to bolster or discredit a regime appears appallingly unscrupulous and  contrary to the collective interest of the nation. However, this is...

RECENT POSTS