क्या है भारत माता? क्या है अपना भारत? पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर राजेन्द्र भट्ट* की आज के संदर्भ में प्रासंगिक श्रद्धांजलि आज 27 मई है - पंडित नेहरू...
जय गोपाल कुमरा 85-वर्षीय जय गोपाल कुमरा आज जब टेलीविज़न पर प्रवासी मजदूरों की बदहाली देखते हैं तो व्यथित हो उठते हैं। उन्होंने किशोरावस्था में देश का विभाजन देखा था और उस वक़्त...
There is a strategy of keep lobbing grenades into the fault lines of society without any evidence and that will crowd out the actual news and will keep the people (experts and journalists included) busy with...
A society where everyone has acquired a legitimacy of a soldier (for maintaining an imaginary nation)  is a society where exercise of basic individual expressions come with prohibitive cost. Mudrarakshasa
10 मई को प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम की जयंती पर विशेष राजेंद्र भट्ट 10 मई को भारत के 1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम की एक और जयंती होगी। ...
राजेन्द्र भट्ट इस कोरोना-काल में ऐसे वाकये से बात शुरू करना अच्छा लग रहा है जिससे दुष्यंत कुमार की पंक्तियाँ याद आ गईं– ‘इस अंधेरी कोठरी में एक रोशनदान है।’ ये रोशनदान नोएडा...
पार्थिव कुमार* कोविड 19 की वैश्विक महामारी का मुकाबला करने में डॉक्टरों और अन्य चिकित्साकर्मियों का किरदार सबसे अहम है। वे दवाओं, उपकरणों और अन्य संसाधनों की घोर तंगी के बावजूद अपनी जान...
राजेन्द्र भट्ट 14 अप्रैल को डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर की जयंती है। कहाँ से शुरू करें? इतना विराट-बहुआयामी व्यक्तित्व; और कितना कुछ उनके व्यक्तित्व-कृतित्व के हर पक्ष पर, हर नजरिए से कहा जा चुका...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 6 लंबे अंतराल तक किसी अनिष्ट की आशंका जैसी जड़ता-हताशा मन पर छाई थी। मित्र लोगों की प्रेरणा, दिलासों और फिर थोड़ा चिढ़े हुए उलाहनों...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 5 रेलवे स्टेशन के पास वह एक सँकरे घरों-गलियों वाली ‘मुस्लिम’ बस्ती थी। उर्दू में बहुत सारे पोस्टर-झंडियाँ लगी थीं। उस छोटे शहर की अपनी...

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