राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 4 बहुत समय से मैं  ‘सेन वॉइस’ यानि विवेकपूर्ण आवाज़ के बारे में कुछ लिखना चाहता रहा हूँ। इसके पीछे एक प्रसंग है...
क्या है भारत माता? क्या है अपना भारत? पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर राजेन्द्र भट्ट* की आज के संदर्भ में प्रासंगिक श्रद्धांजलि आज 27 मई है - पंडित नेहरू...
इस सरकार ने मीडिया के पतन को सार्वजनिक कर दिया है और अब कुछ भी छिपा नहीं रहा। चिंता की बात ये है कि यदि सरकार बदल भी जाती है तो भविष्य की सरकारों को यह...
राजेन्द्र भट्ट* मशहूर शायर मजाज़ ने एक बिम्ब का इस्तेमाल किया है – ज़ंजीरे-हवा। यानि हवा में ज़ंजीर बना कर किसी को बांधने की कोशिश। गांधीजी और उनके प्रभाव को शब्दों की चौखट...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 5 कैसे होते हैं सच्चे वीर? क्या होती है वीरता? हम बड़े भाग्यवान हैं कि देश के जन-जन में, कण-कण में बसे राम हमारे...
For past some years in politics, there is less emphasis on ‘swing voters’ and an overt effort to keep the hardcore base sufficiently motivated to stay active in political sphere. This has resulted in dilution of...
डॉ गोपाल कृष्‍ण* इन दिनों स्विट्ज़रलैंड की राजधानी जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की परिसंकटमय जहरीले रसायनों के विषय पर एक सम्मलेन चल रहा है। यह सम्मलेन 29 अप्रैल को शुरू हुआ और 10 मई को समाप्त होगा।...
प्रो. रितु प्रिया* गाँधी जी की अपने लिये पहली पसंद थी डाक्टर बनना लेकिन चूंकि मेडिकल की पढ़ाई में जीवों को मारकर काटना होता था, इसीलिए उन्होंने इंग्लैंड जाकर कानून पढ़ा और बैरिस्टर...
राजेन्द्र भट्ट नक्कारखाने में तूती – 5 रेलवे स्टेशन के पास वह एक सँकरे घरों-गलियों वाली ‘मुस्लिम’ बस्ती थी। उर्दू में बहुत सारे पोस्टर-झंडियाँ लगी थीं। उस छोटे शहर की अपनी...
As BJP Government enters seventh year of its electoral dominance, signs of creeping influence of the rightist thinking can be seen to be affecting areas which are generally removed from the electoral fortunes of political parties, such...

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