आज की बात

आज की बात

आज की बात वर्ष के आरंभ में ही जब चुनावों के लिए मौसम तैयार हो रहा था तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी “मिनिमम इन्कम गारंटी” या न्यूनतम आय गारंटी योजना को चुनाव परिदृश्य...
आज की बात आज जब Twitter पर ये खबर देखी कि प्रज्ञा ठाकुर (इनके नाम के पहले साध्वी लगाना मुझे अच्छा नहीं लगता – मैं एक सामान्य हिन्दू हूँ और जिस तरह...
आज की बात यदि देश के मतदाता ने बहुसंख्यकवाद की भावना में बहकर (या ये सोचकर कि भाजपा के जीतने से हिन्दू हित मजबूत होंगे) 2014 जैसा बहुमत भाजपा को फिर एक...
इस स्तंभकार के बहुत से जानकार इस बात को लेकर परेशान हो सकते हैं कि उनका ये मित्र लोकपाल विषय को तमाशा बताकर इसे हल्के में क्यूँ ले रहा है।
आज की बात अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएँ नई नहीं हैं। दरअसल नोटबंदी के बाद कभी कोई छोटा सा दौर भी ऐसा नहीं आया जब स्वतंत्र अर्थशास्त्रियों ने देश की आर्थिक स्थिति के बारे में...
आज की बात इसे विडम्बना ही कहा जाएगा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिसने यूपीए-2 के दौरान चले भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन का सबसे ज़्यादा फायदा उठाया, उसे आज भ्रष्टाचार के विरुद्ध बने सबसे कारगर हथियार सूचना...
दुनिया के साथ-साथ देश के ‘साइबर-स्पेस’ में भी काफी भीड़ है। हिन्दी की दुनिया में भी है ही। हम ये कहने बिलकुल नहीं जा रहे कि हम इस भीड़ से अलग और कुछ बेहतर करने जा...
आज प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कृषि क़ानूनों की वापसी की घोषणा के साथ ही जो कयास लगाए जा रहे हैं उनमें सबसे प्रमुख ये है कि उत्तर प्रदेश और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों...
भाजपा के जो प्रतिबद्ध टाइप वोटर हैं, वह तो थोड़ा-बहुत नाराज़ होते हुए भी उसके पक्ष मे वोट करने जाएँगे ही लेकिन पार्टी के रणनीतिकारों ने क्या इस पर विचार किया कि उसके इस कदम से दलित और पिछड़े वर्ग के लोग भाजपा के खिलाफ ज़्यादा शिद्दत से गोलबंद हो सकते हैं?
आज की बात आज गांधी जी की पुण्यतिथि है और आज गांधी को याद करना एक रस्म-पूर्ति भी है। रस्म-पूर्ति को चाहे बहुत स्तरीय बौद्धिक-कर्म नहीं समझा जाता, फिर भी आज हमें ये...

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