राजेंद्र भट्ट 'कागद कारे' कैटेगरी में पुस्तक-समीक्षाएं पहले भी प्रकाशित होती रही हैं और सामान्य अर्थ में राजेन्द्र भट्ट का यह लेख पुस्तक-समीक्षा ही है लेकिन चूंकि समीक्षा आम तौर पर नई प्रकाशित...
मनोहर चमोली ‘मनु’ हिन्दी या यूं कहें कि हिन्दुस्तानी भाषा के सार्थक उपयोग की सरल, उपयोगी, व्यावहारिक और आसानी से उपलब्ध पुस्तकें प्रायः बहुत ही कम है। हाल ही में जाने-माने भाषाविद डॉ॰...
गोबिन्द प्रसाद* इस वेब-पत्रिका के पाठक मोहन राणा के नाम से अपरिचित नहीं हैं। उनकी कुछ कवितायें आप इस पोर्टल पर यहाँ और यहाँ पढ़ चुके हैं। दिल्ली में जन्मे मोहन राणा पिछले दो...
Mayank Agrawal* There is a visible trend among the modern Indian authors to pick themes from the ancient Indian literature and the popular legends, and present them differently with their own interpretation of the...
Vidya Bhushan Arora Vir Sanghvi’s principal at Mayo told his mother that he found Vir a little arrogant, but the boy had become serious and responsible after his father died. It would be interesting...
विनोद रिंगानिया* आप किसी जगमगाते आयोजन में जाते हैं जहाँ हर कोई अपनी खास वेशभूषा से लोगों को आकर्षित करना चाहता है। लेकिन यह जगमग कहीं न कहीं एक बोरियत और ऊब पैदा करती...
राजेंद्र भट्ट* समुदायों, राज्यों से लेकर राष्ट्र-राज्यों की लंबी राह को जब हम पुरातात्विक, लिखित तथा वाचिक भाषाई संदर्भों और दस्तावेजों के  वैज्ञानिक  अनुशासन के साथ -  विभिन्न शासकों-राजवंशों और शासन-प्रणालियों के  मील-पत्थरों की क्रोनोलोजी में बांध...
ओंकार केडिया* ओंकार केडिया जो यदा-कदा आपकी इस वेब-पत्रिका में अपना योगदान देते रहते हैं, अपने दो कविता-संग्रहों के प्रकाशन के बाद अब एक व्यंग्य-संकलन को लेकर आ रहे हैं। शीघ्र-प्रकाश्य यह संकलन "मल्टीप्लेक्सस...
शुभम मिश्र* जिन्होंने पहले भी कई उर्दू पुस्तकों का अनुवाद किया है, हाल ही में दिल्ली पर राजेंद्र लाल हांडा द्वारा जनवरी 1951 में प्रकाशित उर्दू पुस्तक “दिल्ली जो एक शहर था” का अनुवाद किया है। इसी...
Introducing a recently published book on healthcare Vidya Bhushan Arora* Besides Roti, Kapda aur Makan, healthcare is one of the most vital determinants of people’s wellbeing. India, like other countries...

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