इस स्तंभकार के बहुत से जानकार इस बात को लेकर परेशान हो सकते हैं कि उनका ये मित्र लोकपाल विषय को तमाशा बताकर इसे हल्के में क्यूँ ले रहा है।
तीन विधान-सभाई चुनावों में हारने के बाद भाजपा और उसकी राजग सरकार जल्दी में नज़र आ रही है। ऐसा लग रहा है कि खोई हुई ज़मीन वापिस पाने के भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार से...
Sudhirendar Sharma Indifference, apathy,  disconcern or complete disconnect, whatever you call it, is what our bulging urban middle-class is going wherein it seems to have shut itself off from the pressing concerns...
*Sudhirendar Sharma For the Greeks nostalgia meant a mix of sweet and bitter pang that humans often suffer in search of their roots, and their belongingness. From what was once considered a...

Walk Man!

Sudhirendar Sharma* Times have surely changed! While Mahatma Gandhi walked four hundred kilometres for a pinch of salt, his countrymen prefer using cars for buying a packet of salt from the neighbourhood store. And,...
आज की बात आज टाइम्स ऑफ इंडिया में और बीते दिन यानि कल इंडियन एक्सप्रेस में इस आशय की खबरें आईं कि सुप्रीम कोर्ट के नवगठित ‘कोलेजियम’ ने अपने ही साथी जजों द्वारा कुछ हफ्ते...
More important is to capture how musical instruments enhanced the value and meanings of words.
Smita Vats Sharma Do you recollect the FB picture of that radiant school friend of mine as she stood next to her newly minted MBA son at his graduation ceremony? And that one of...
प्रियदर्शी दत्ता        आज समूचे देश में मकर संक्रांति की धूम होगी। कहीं माघी कहीं संक्रांत कहीं पोंगल तो कहीं पौष संक्रांति। नाम कुछ भी हो उपलक्ष एक खगोलीय घटना विशेष है। सूर्यदेव नक्षत्रों की पथ की...
भाजपा के जो प्रतिबद्ध टाइप वोटर हैं, वह तो थोड़ा-बहुत नाराज़ होते हुए भी उसके पक्ष मे वोट करने जाएँगे ही लेकिन पार्टी के रणनीतिकारों ने क्या इस पर विचार किया कि उसके इस कदम से दलित और पिछड़े वर्ग के लोग भाजपा के खिलाफ ज़्यादा शिद्दत से गोलबंद हो सकते हैं?

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