सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताओं के बहाने राजेन्द्र भट्ट ने इस लेख में यह सिफ़ारिश की है कि कविताओं को पढ़ते-गुनते समय अगर आप अपना बुद्धिजीवी और अति-गंभीर होने का आग्रह छोड़ कर समालोचना करेंगे तो इस...
Ajeet Singh* (Radio-Vaani 5) Mrs Ekka, my neighbour’s wife suddenly held me by both my wrists and asked me to tell the truth as I stood at the entrance of...
अजीत सिंह* (रेडियो-वाणी 4) रेडियो कश्मीर से काफी यादें जुड़ी हैं जिनमें से एक मैंने पिछली बार साझा की थी। अफसोस की बात ये है कि धरती का स्वर्ग कहे...
पारुल बंसल* स्त्री के अमूल्य प्रहर स्त्री चौके में सिर्फ रोटियां ही नहीं बेलती वह बेलती है अपनी थकान पचाती है दुःख
अव्यक्त* क्या आप किसी ऐसे सफल व्यवसायी की कल्पना कर सकते हैं जिसने सफल होते हुए भी अपनी कोई व्यक्तिगत संपत्ति ना बनाई हो, उसका कोई व्यक्तिगत बैंक अकाउंट ही ना हो? हमसे...
Ajeet Singh* (Radio-Vaani 3) The CRPF inspector saluted me as he entered my office at Radio Kashmir Srinagar, in tow with two women constables. I knew him well. He was...
Ajeet Singh* (Radio-Vaani 2) World media had assembled in Simla (now Shimla) for the coverage of the historic Simla Summit between India and Pakistan in July 1972...
Ajeet Singh* (Radio-Vaani 1) During my reporting assignments for the AIR and Doordarshan News which I did for almost three decades, there were several occasions when I met celebrities, even...
सुख और दुख पर सात लघु कवितायें इस वेब-पत्रिका में अजंता देव की कविताओं की यह चौथी कड़ी है। पहले आप उनकी कविताएं यहाँ , यहाँ और यहाँ पढ़ चुके हैं। अपनी...
Vishakh Rathi* We are sitting on a beach. It's a nice breezy day, the sun is not too warm. We are having beer, or lemonade. The vast ocean spread out before us inspires...

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