ब्लॉगिंग के हैं कई फ़ायदे – आपने ब्लॉग बनाया क्या?

मनोज पांडे*  इस पोस्ट में मैं आपस में जुड़ी तीन बातों पर चर्चा करूंगा: ब्लॉगिंग है क्या, इसके क्या फायदे...

कैसे होगा करोड़ों सुनयनाओं का उद्धार

आज की बात अगर आप सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो पिछले दिनों डॉ सुनयना का नाम आपने...

Paradox is in plenty

Sudhirendar Sharma* Many strange situations have confirmed that life is indeed a paradox, rather a bundle of paradoxes. Like...

The fleeting moment of immense possibilities

Sudhirendar Sharma* I often wonder if we value a ‘moment’ (पल) as much or more than every other aspect of...

अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर और जीडीपी पर नए सवाल

अखबारों से – 8 मांग में कमी अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर आर्थिक खबरों का...

जानलेवा सफ़ेद क्राईसोटाइल एसबेस्टस से भोजपुर में “मृतक की मौत” और...

डॉ गोपाल कृष्‍ण* इन दिनों स्विट्ज़रलैंड की राजधानी जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की परिसंकटमय जहरीले रसायनों के विषय पर...

प्रधानमंत्री और राजीव गांधी, चुनाव आयोग का रवैय्या, भारतीय वायुसेना के...

अखबारों से – 7 प्रधानमंत्री द्वारा राजीव गांधी के लिए अनुचित भाषा प्रयोग महात्मा गांधी...

क्या चुनाव आयोग कायर है? मतदाता ही नए चुन लें, सीता...

अखबारों से - 6 इस कड़ी में आज हम करण थापर का लेख जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर...

‘न्याय’ लागू करना क्यों मुश्किल, राहुल पप्पू तो नहीं लगते, मार्क...

अखबारों से - 5 रविवार, 5 मई को अखबारों के कुछ लेखों का सार और हमारा मत...