एक आह्वान : शब्दों के नाम

विद्या भूषण शब्दो! सुनो तुम यहाँ-वहाँ यूँ ही बिखर क्यों जाते...

The Lowly Thing Called Salt

Manoj Pandey* Reading the title, you may take the article with a pinch of salt, but by the end...

कहीं भटक गई है भारतीय राजनीति

आखिरी पन्ना आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका के लिए लिखा जाने वाला एक नियमित स्तम्भ है। यह लेख पत्रिका...

बारिश के आत्मालाप में – मोहन राणा के कविता संग्रह ‘मुखौटे...

गोबिन्द प्रसाद* इस वेब-पत्रिका के पाठक मोहन राणा के नाम से अपरिचित नहीं हैं। उनकी कुछ कवितायें आप इस...

How Many Planets Are There In Our Solar System – ...

Manoj Pandey* For some days since last Friday (24 Jun, 2022), people in many parts of the world are...

प्रेम और स्त्री-मन : कुछ नई कवितायें

पारुल बंसल* क्षणिकाएं एक - प्रेम ने सुनी...

शिक्षा के ‘यूरेका क्षण’ – प्राथमिक शिक्षा पर लेखों की तीसरी...

राजेन्द्र भट्ट* प्राथमिक शिक्षा पर राजेन्द्र भट्ट का चिंतन-मनन जारी है। इस विषय पर उनके पिछले दो लेख आप...

Has the IAS Failed the Nation? Wrong But Necessary Question!

Dheep Joy Mampilly* This article deals with some issues relating to the Indian bureaucracy. The question “Has the IAS...

The myth of megapixels in mobile cameras

Manoj Pandey* A commoner’s guide to pixel-count in his mobile camera In 2022,...