समाज निर्माण के लिए परस्पर वार्तालाप अनिवार्य

--इन्दु मेहरा  हमें क्यों लगने लगा है कि हमें सब जानकारी है? क्यों हमारा ज्ञान इतना सीमित हो...

ये ‘खिचड़ी’ उतनी बेस्वाद भी नहीं होती

‘खिचड़ी सरकारों’ का कार्यकाल आर्थिक विकास के लिए अच्छा ही रहा है! आज की बात

मृग-तृष्णा का दानव

क्या खूँटी पर लटके दिन देखे तुमने या फिर बिस्तर पर लेटी रातें करवटें बदलते पहर और...

आर.के. नारायण की ‘लॉली रोड’ का पुनर्पठन

........अनुवाद - राजेंद्र भट्ट 2018 का वर्ष अपने हिसाब से इतिहास में तोड़-मरोड़, देशद्रोह और देशभक्ति...

लोकपाल का तमाशा फिर खबरों में

इस स्तंभकार के बहुत से जानकार इस बात को लेकर परेशान हो सकते हैं कि उनका ये मित्र...

क्या सरकार चुनाव से पहले नए लोक-लुभावन पैकेज लाएगी?

तीन विधान-सभाई चुनावों में हारने के बाद भाजपा और उसकी राजग सरकार जल्दी में नज़र आ रही है। ऐसा...

Empathy Deficit

Sudhirendar Sharma Indifference, apathy,  disconcern or complete disconnect, whatever you call it, is what our bulging urban...

कोई भूखा ना सोये ये सुनिश्चित करें सरकारें

कभी-कभी लगता है कि आज के भारतीय मध्यम-वर्ग ने अब वंचितों और आदिवासियों की तरफ से पूरी तरह से मुँह मोड़ लिया है।...

Living with Despair – ‘ग़म’ the Bollywood Way

*Sudhirendar Sharma For the Greeks nostalgia meant a mix of sweet and bitter pang that...