जाति के बंधनों को तोड़ने का हर संभव प्रयास करना है

विजय प्रताप आज मुझे ऐसे लोगों के बीच बोलते हुए बहुत अच्छा लग रहा है जो धर्म...

दिल्ली की हवा

आज हम दिल्ली-निवासी जब सुबह सो कर उठे तो फोन हाथ में उठाते ही ये चेतावनी पढ़ने...

बच्चियों के साथ रेप – सिर्फ शर्मिंदा होने से...

आखिरी पन्ना उत्तरांचल पत्रिका मई 2018 क्या सोच रहे हैं आप आजकल? हमारा मतलब यह  कि जब देश-समाज की...

जलवायु परिवर्तन के खतरे

उत्तरांचल पत्रिका आखिरी पन्ना – अप्रैल 2017 अँगरेज़ लोगों की कहावत है कि जब कोई बात ना...

लोकतन्त्र को चुनौती

aakhiri panna July 2017 ईद का मौका सर पर होने के बावजूद उल्लास और उत्सव की तरफ ध्यान...

जीवन का अर्थ और अर्थमय जीवन

उषा पारिख स्मृतिः जीवन का अर्थ और अर्थमय जीवन -असीम श्रीवास्तव- मैं अपनी बात एक...

क्या दिल्ली, बंगलौर और हैदराबाद से सचमुच भूगर्भीय जल दो बरस...

क्या दिल्ली बंगलौर और हैदराबाद से सचमुच भूगर्भीय जल दो बरस के अंदर समाप्त हो जाएगा?       आज के इंडियन...

आखिरी पन्ना

उत्तरांचल पत्रिका - जनवरी 2019 जब तक उत्तरांचल पत्रिका का यह अंक आपके हाथ में होगा तो...

वर्तमान आर्थिक नीतियाँ: हाशिये के समुदायों को और हाशिये की ओर...

साउथ एशियन डायलौग ऑन इकोलाजिकल डेमोक्रेसी का फोकस रहता है ‘हरित स्वराज‘ पर उसमें आज जो एक मिलता-जुलता शब्द निकला है और प्रचलन में है वो है ‘सस्टनेबल