प्रिंसि की चेयर

विपुल मयंक*

प्रिंसि का ऑफ़िस भरा था – खचाखच। टीचर्स, डीन, स्टूडेंट्स यूनियन के मेंबर्स, प्रिन्सपल खुद और था एक्यूसड् – आलोक जोशी।   

आलोक कॉलेज का फेमस डिबेटर था। कल हॉस्टल नाइट के दौरान आलोक ने ऐसी बदतमीजी की जो कॉलेज की हिस्ट्री में नहीं हुई। हॉस्टल नाइट का ट्रेडिशन था कि प्रिन्सपल हॉस्टल आते, होस्टलर्स के साथ मिलते, कुछ प्राइज़ डिस्ट्रिब्यूशन होता, और फिर होता गाला डिनर।

कल ही यूनिवर्सिटी की एक प्रेस्टीजियस डिबेट थी। आलोक ने उसमें पार्टीसीपेट किया था।  लेकिन बदकिस्मती से वह डिबेट हार गया था। आलोक हार कर हॉस्टल आया और पीने लगा। आलोक पीता गया, पीता गया, पीता गया, और पीता गया..

आलोक ने डिनर के लिए जब मेस में एन्टर किया तो प्रिंसि स्पीच दे रहे थे। ना जाने क्यों, आलोक का माथा ठनका और वो ज़ोर से प्रिंसि पर चीखा – शट अप! प्रिंसि ने देखा आलोक वॉज़ टोटली ड्रन्क तो उन्होंने आलोक को इग्नोर किया और स्पीच जारी रखी। आलोक और पगला गया, वो प्रिंसि के सामने गया, टेबल पर रखा रायते के बोल को उठा कर प्रिंसि के सर पे उंडेल दिया। रायता फैल गया। फिर आलोक वहीं गिरा, बकेट भर के प्युक किया और पास आउट कर गया।

आज इसी मामले पर फैसले के लिए सब प्रिंसिपल के ऑफिस में थे। आलोक श्योर था कि उसको डेडली पनिशमेन्ट मिलेगी। पर क्या होगी पनिशमेंट ये सोच सोच कर उसकी जान निकली जा रही थी।     

ऑर्डर सुनाने के लिए प्रिंसि ने पेपर उठाया कि आलोक बोला – सर प्लीज डॉन्ट सस्पेंड मी। तो डीन बोले – यू शुड बी थ्रोन आउट ऑफ द कॉलेज। आलोक बोला – सर लेट मी अटेंड क्लाससेस उसके अलावा कोई भी पनिशमेंट..

प्रिन्सपल रुके.. कुछ सोचा और चेयर से उठ कर खड़े हो गए। उन्होंने अपनी चेयर को पॉइंट किया और आलोक से बोले – मेरी चेयर पर बैठिए। पर आलोक स्टैचयू की तरह खडा रहा।

प्रिन्सपल ने रिपिट किया – टेक माइ चेयर।

आलोक को कुछ समझ तो आया नहीं लेकिन हेज़िटेट करते हुए वो प्रिंसि के चेयर पे बैठ गया।

प्रिंसि आके वहाँ खड़े हो गए जहां अब तक आलोक खडा था और बोले – मान लीजिए कि मैं हूँ आलोक और आप हैं प्रिंसिपल। कल रात जो गुस्ताखी हुई वो मैंने की। अब आप, प्रिंसिपल की तरह फैसला सुनाइए। आई विल अकसेप्ट वाटएवर यू डिसाइड। डिसीज़न लेते वक़्त ध्यान रखना कि प्रिंसिपल की चेयर की डिगनिटी कम ना हो।

आलोक रुका, सोचा और शुरू किया – “आलोक, कल रात ड्रिंक कर के आपने तमाशा किया – इसलिए ग्रेजुएशन पूरा होने तक आप अल्कोहॉल टच नहीं करेंगे। इस दौरान, आप जिस पार्टी में जाएं उसमें अपने ड्रिंकइंग फ्रेंड्स के लिए आप डेसिगनेटेड ड्राइवर रहेंगे। फूड वेस्ट करने के लिए – ग्रेजुएशन तक आप अपना टी टाइम स्नैक किसी नीडी के साथ शेयर करेंगे। स्नैक उसे जा कर देंगे पर आप खुद नहीं खाएंगे। फॉर ब्रिंगइंग डिसरेप्युट टू द इन्स्टीट्यूशन, जिस डिबेट में आप हिस्सा लें उसकी शुरुआत में यू विल पब्लिकली अपोलोजाइज़ फॉर योर कन्डक्ट एण्ड ट्राइ योर बेस्ट टू विन द डिबेट फॉर योर कॉलेज. फाइनली, प्रिंसिपल सर को डिसरेसपेक्ट करने के लिए, आप उनके गार्डेन में काम करेंगे, तब तक, जब तक की आप उनके गार्डन को यूनिवर्सिटी का सबसे खूबसूरत गार्डन ना बना दें।“

इसके साथ आलोक प्रिंसिपल की चेयर से उठ गया ।

प्रिंसि ने आलोक की तरफ अपना हाथ बढ़ाया और बोले – सर आपने प्रिंसिपल की चेयर का मान, उसका ऑनर बढा दिया।

सब प्रिंसि और एक्यूसड् की जस्टिस के लिए क्लैप करने लगे!

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*विपुल मयंक कहानियाँ कहते हैं। पिछले 27 बरसों में उन्होंने टेलीविज़न और वेब के लिए जाने कितनी ही कहानियाँ लिखी हैं और और शो प्रोड्यूस किए हैं। सोनी लाइव के लिए बहुचर्चित वेब सीरीज़ ‘16’ उनके द्वारा हाल में लिखा गया और उन्हीं के द्वारा प्रोड्यूस किया गया बड़ा शो है। स्टार इंडिया, सोनी, चैनल 9 और टेलिविजन 18 सहित देश का कोई ऐसा बड़ा चैनल नहीं है जिसके लिए विपुल अपनी क्रिएटिव हिस्सेदारी ना की हो। इसी वेब पत्रिका में उनकी लिखी कहानी दूरबीन को आप यहाँ देख सकते हैं।

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