कागद कारे

कागद कारे

Ajeet Singh* World media had assembled in Simla (now Shimla) for the coverage of the historic Simla Summit between India and Pakistan in July 1972 in the aftermath of the...
Ajeet Singh* During my reporting assignments for the AIR and Doordarshan News which I did for almost three decades, there were several occasions when I met celebrities, even world leaders - sometimes as...
सुख और दुख पर सात लघु कवितायें इस वेब-पत्रिका में अजंता देव की कविताओं की यह चौथी कड़ी है। पहले आप उनकी कविताएं यहाँ , यहाँ और यहाँ पढ़ चुके हैं। अपनी...
Vishakh Rathi* We are sitting on a beach. It's a nice breezy day, the sun is not too warm. We are having beer, or lemonade. The vast ocean spread out before us inspires...
ओंकार केडिया* इन उजड़ी झोंपड़ियों के आसपास कुछ टूटी चूड़ियां हैं,कुछ बदरंग बिंदियाँ हैं,कुछ टूटे फ्रेम हैं चश्मों के,कुछ तुड़ी-मुड़ी कटोरियाँ हैं.यहाँ कुछ अधजली बीड़ियाँ हैं,कुछ...
पारुल बंसल* प्रेमांकुर ऐ फौलादी जिगर के स्वामी!  हृदय की गागर को  रीता कर देना  मेरे वियोग...
शोभना तनेजा स्त्री मन की गहन अनुभूतियों और अनुराग की कवियत्री हैं। उनके 'हायकू' भी सूक्तियों की तरह अभिभूत करते हैं। ये मन को कहीं गहरे छू लेने वाली, निर्मल और गहन अनुराग की सरल कविताएं हैं...
अजीत सिंह*         कैमला, जो चंद रोज़ पहले तक एक अज्ञात सा गांव था, हाल ही में मीडिया की सुर्खियों में आया है। गत रविवार दस जनवरी को हरियाणा के मुख्यमंत्री को वहां...
विशाख राठी* पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार (17 दिसंबर) को पुस्तक आंदोलन से जुड़ी प्रमुख कार्यकर्ता और कई महत्वपूर्ण पुस्तकों की अनुवादक चंद्रकिरण राठी कोरोना के बाद उत्पन्न जटिलताओं के कारण चल बसीं। श्रीमती राठी...
इस वेब-पत्रिका में अजंता देव की कविताओं की यह तीसरी कड़ी है। पहले आप उनकी कविताएं यहाँ और यहाँ पढ़ चुके हैं। इस बार की कविताएं कुछ अलग मिजाज़ की हैं लेकिन फिर भी जिन लोगों...

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